आदिनाथ भगवान की आरती

ॐ जय आदिनाथ देवा, स्वामी जय आदिनाथ देवा
तुम हो विघ्न विनाशक, तुम हो विघ्न विनाशक
पार करो खेवा, ॐ जय आदिनाथ देवा
नाभिराय जी पिता तुम्हारे, माता मरूदेवी, स्वामी माता मरूदेवी
रूप तुम्हारा महा मनोहर, रूप तुम्हारा महा मनोहर
सेव करें देवी, ॐ जय आदिनाथ देवा
नीलांजना के देख निधन को, जिन दीक्षा धारी, स्वामी जिन दीक्षा धारी
भेष दिगम्बर धरा प्रभु ने, महिमा है न्यारी, ॐ जय आदिनाथ देवा
असि, मसि, कृषि, वाणिज्य, कला प्रभु, तुमने उपदेशे, स्वामी तुमने उपदेशे
केवलज्ञान पाय पभु जी तुम, केवलज्ञान पाय पभु जी तुम
भवजन उपदेशे, ॐ जय आदिनाथ देवा
माघ वदी चौदस को प्रभु जी, भव-भव नाश हुआ, स्वामी भव-भव नाश हुआ
गिरी कैलाश से आदि पभु जी, तुम निर्वाण हुआ, ॐ जय आदिनाथ देवा
मूर्ति तुम्हारी महा मनोहर, निरख-निरख हर्षे, स्वामी निरख-निरख हर्षे
आरती पूजा करे तुम्हारी, निश दिन गुण भाषे, ॐ जय आदिनाथ देवा
हम सब मिलकर प्रभु आपके, निश दिन गुण गावे, स्वामी निश दिन गुण गावे
पाप तिमिर से दूर करो प्रभु, सुख शांति आवे...
ॐ जय आदिनाथ देवा, स्वामी जय आदिनाथ देवा
तुम हो विघ्न विनाशक, तुम हो विघ्न विनाशक
पार करो खेवा, ॐ जय आदिनाथ देवा

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