जिनवाणी के ऑनलाइन संकलन का एक प्रयास
श्री नयनागिरि (रेशंदीगिरि) सिद्धक्षेत्र (मध्यप्रदेश) का अर्घ्य
शुचि अमृत-आदि समग्र, सजि वसु-द्रव्य प्रिया |
धारौं त्रिजगत-पति-अग्र, धर वर-भक्त हिया ||
ॐ ह्रीं श्री नयनागिरि सिद्धक्षेत्राय अनर्घ्यपद प्राप्तये अर्घ्यं निर्वपामीति स्वाहा ||
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