शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ भगवान का अर्घ्य

अष्ट द्रव्य का अर्घ्य अष्ट विधि श्री चरणों में अर्पित है |
निज अनर्घ्य पद दो हे स्वामी सादर हृदय समर्पित है ||
शांति कुन्थु अरहनाथ जिनेश्वर तीर्थंकर मंगलकारी |
कामदेव सम्राट चक्रवर्ती पद त्यागी बलिहारी ||

ॐ ह्रीं श्री शांति, कुंथु, अरहनाथ जिनेन्द्राय अनर्घ्यपद प्राप्तये अर्घ्यं निर्वपामीति स्वाहा ||

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