चंदा प्रभु का दरबार है, अतिशय का चमत्कार है
चंदा प्रभु भगवान की आरती बारम्बार है
दीप थाल हाथों में लेकर, आया तेरे द्वार जी
संकट हरना झोली भरना, आशा मन में लाया जी
चंदा प्रभु का दरबार है...
माता सुलक्षणा सुत कहलाये, खुशियाँ चारों ओर हुईं
गुण के सागर भर दो गागर, तन मन अर्पण करना जी
चंदा प्रभु का दरबार है...
गिरी सम्मेद में ललित कूट पे आकर आप विराजे जी
मुक्त हुए चरणों के दर्शन रोम-रोम खिल जाए जी
चंदा प्रभु का दरबार है...
सोनागिर में पर्वत ऊपर समवशरण रचवाया जी
नंग अनंग कुमार मुनि ने मोक्ष यहीं से पाया जी
चंदा प्रभु का दरबार है, अतिशय का चमत्कार है
चंदा प्रभु भगवान की आरती बारम्बार है
चंदा प्रभु भगवान की आरती बारम्बार है
दीप थाल हाथों में लेकर, आया तेरे द्वार जी
संकट हरना झोली भरना, आशा मन में लाया जी
चंदा प्रभु का दरबार है...
माता सुलक्षणा सुत कहलाये, खुशियाँ चारों ओर हुईं
गुण के सागर भर दो गागर, तन मन अर्पण करना जी
चंदा प्रभु का दरबार है...
गिरी सम्मेद में ललित कूट पे आकर आप विराजे जी
मुक्त हुए चरणों के दर्शन रोम-रोम खिल जाए जी
चंदा प्रभु का दरबार है...
सोनागिर में पर्वत ऊपर समवशरण रचवाया जी
नंग अनंग कुमार मुनि ने मोक्ष यहीं से पाया जी
चंदा प्रभु का दरबार है, अतिशय का चमत्कार है
चंदा प्रभु भगवान की आरती बारम्बार है