श्री नेमिनाथ भगवान की टोंक का अर्घ्य

नेमिनाथ जिन सिद्ध भये, सिद्ध क्षेत्र गिरनार |
मन वच तन कर पूजहूँ, भव दधि पार उतार ||

ॐ ह्रीं श्री नेमिनाथ जिनेंद्रादि शम्बु प्रद्युम्न अनिरुद्ध इत्यादि 72 करोड़ 700 मुनि गिरनार पर्वत से मोक्ष गये, तिनके चरणारविन्द को मेरा मन, वच, काय से बारम्बार नमस्कार हो, जलादि अर्घ्यं निर्वपामीति स्वाहा ||

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