| नाम | साहित्य मनीषी आचार्य प्रवर ज्ञान सागर जी महाराज |
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| पूर्व नाम | भूरामल छाबड़ा |
| पिता | चर्तुर्भुज छाबड़ा |
| माता | घृतभरी देवी छाबड़ा |
| जन्म | 1891 |
| जन्मस्थान | ग्राम रानौली, सीकर, राजस्थान |
| लौकिक शिक्षा | प्रारम्भिक शिक्षा ग्रामीण विद्यालय में, तथा स्यादवाद महाविद्यालय बनारस में शास्त्री स्तर तक |
| ब्रह्मचर्य व्रत | 1947 |
| क्षुल्लक दीक्षा | 1955 |
| क्षुल्लक दीक्षा प्रदाता | आचार्य वीरसागर जी महाराज (क्षुल्लक ज्ञानभूषण के रूप में) |
| ऐलक दीक्षा | 1957 |
| ऐलक दीक्षा प्रदाता | - |
| मुनि दीक्षा | 20 जून 1959, श्री दिगम्बर जैन क्षेत्र खानिया जी, जयपुर, राजस्थान |
| मुनि दीक्षा प्रदाता | आचार्य शिवसागर जी महाराज |
| आचार्य पदारोहण | 7 फरवरी 1969, नसीराबाद, अजमेर, राजस्थान |
| समाधि | 1 जून 1973, नसीराबाद, अजमेर, राजस्थान |
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