दशलक्षण पर्व की आरती

ओम जय दशलक्षण देवा, स्वामी जय दशलक्षण देवा
दशलक्षण दर्शाने वाले, तुम ही हो देवा | ॐ जय...
उत्तम क्षमा को पाकर तुमने, आतम दरश किया 
उत्तम मार्दव धर्म को पाकर, मान को दूर किया | ॐ जय...
उत्त्म आर्जव बनो सरल तुम, यह उपदेश दिया 
उत्तम सत्य का पालन करके, जग कल्याण किया | ॐ जय...
उत्तम शोच धर्म बतलाकर, लोभ का नाश किया 
उत्तम संयम धारण करके, विषयों को वश में किया | ॐ जय...
उत्तम तप को साध आपने, कर्मों का नाश किया 
राजपाट को त्याग आपने, निज में वास किया | ॐ जय...
उत्तम अकिंचन व्रत धरके, सब कुछ त्याग दिया 
उत्तम ब्रह्मचर्य व्रत करके मुक्ति को प्राप्त किया | ॐ जय...
ओम जय दशलक्षण देवा, स्वामी जय दशलक्षण देवा
दशलक्षण दर्शाने वाले, तुम ही हो देवा | ॐ जय...

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